Select Page

Tomas Transtromer – Track

Track


 

2 A.M : moonlight. The train has stopped
out in a field. Far- off sparks of light from a town
flickering coldly on the horizon.

 

As when a man goes so deep into his dream
he will never remember that he was there
when he returns again to his room.

 

Or a person goes so deep into a sickness
that his days all become some flickering sparks, a swarm,
feeble and cold on the horizon.

 

The train is entirely motionless.
2 o’ clock: Strong moonlight, few stars.

 

 

Poet – Tomas Transtromer

Translator – Robin Fulton

पटरियाँ


 

2 बजे पूर्वाह्न: चांदनी बिखरी हुई. ट्रेन बीच मैदान में रुकी है
सुदूर क्षितिज पर रौशनी के बिंदु निरुत्साह टिमटिमाते हुए

 

जैसे कोई स्वपन में इतना गहरा डूब जाए
कि फिर से लौटने पर उसे याद ही न आये
कि वह यहाँ था अपने कमरे में

 

जैसे कोई गहरी बीमारी में इस तरह डूब जाये
कि उसके दिन क्षितिज पर टिमटिमाते बिन्दुओं जैसे हो जाएँ
उदास और नि:शक्त छत्ते की तरह

 

रेलगाड़ी अब तक स्थिर खड़ी है
दो बज रहे हैं : गाढ़ी चांदनी है, कुछेक तारे हैं

 

 

कवि – टॉमस ट्रांसट्रोमर

 

अनुवादक – लवली गोस्वामी